Thursday, 21 December 2017

अनन्य प्रेम


किसी एक से ही
प्रेम करती हूँ
अनन्य प्रेम
पर स्तब्ध हूँ कि 
थोड़ा-थोड़ा सबमें है वह !

         कैलाश नीहारिका 

2 comments:

  1. वाह सब में पूरा पूरा हो जाये यही कामना है। बहुत सुन्दर।

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  2. शुक्रिया सुशील कुमार जी !

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