Friday, 1 December 2017

जश्न की साँझ

 
बेहुनर हाथ किसी काबिल बना दूँ  तो चलूँ
आस की  डोर हथेली में  थमा दूँ तो चलूँ

मोड़ दर मोड़ मिलेंगे राह भूले चेहरे
एक मुस्कान निगाहों में बसा लूँ तो चलूँ                    

रात-भर नींद करेगी बेवफ़ा-सी बतकही 
जश्न की साँझ अँधेरों से बचा लूँ तो चलूँ

पाँव नाज़ुक उलझ गए हैं नुकीली राह से 
अजनबी राह इसे अपनी बना लूँ तो चलूँ 

डगर को छोड़ कहाँ जाऊँ भला तुम ही कहो
चाँद की चाह समन्दर को बतादूँ तो चलूँ

रोज़ क्या साथ रहेंगे फुरसतों के सिलसिले
धूल में लीन हुए लम्हे  उठा लूँ तो चलूँ

                             कैलाश नीहारिका 

11 comments:

  1. आदरणीय/ आदरणीया आपको अवगत कराते हुए अपार हर्ष का अनुभव हो रहा है कि आपकी रचना हिंदी ब्लॉग जगत के 'सशक्त रचनाकार' विशेषांक एवं 'पाठकों की पसंद' हेतु 'पांच लिंकों का आनंद' में सोमवार ०४ दिसंबर २०१७ की प्रस्तुति के लिए चयनित हुई है। अतः आपसे अनुरोध है ब्लॉग पर अवश्य पधारें। .................. http://halchalwith5links.blogspot.com आप सादर आमंत्रित हैं ,धन्यवाद! "एकलव्य"


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  2. आदरणीय /आदरणीया आपको अवगत कराते हुए अपार हर्ष का अनुभव हो रहा है कि आपकी रचना हिंदी ब्लॉग जगत के 'सशक्त रचनाकार' विशेषांक एवं 'पाठकों की पसंद' हेतु 'पांच लिंकों का आनंद' में सोमवार ०४ दिसंबर २०१७ की प्रस्तुति के लिए चयनित हुई है। अतः आपसे अनुरोध है ब्लॉग पर अवश्य पधारें। .................. http://halchalwith5links.blogspot.com आप सादर आमंत्रित हैं ,धन्यवाद! "एकलव्य"




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  3. ऐसा कमाल का लिखा है आपने कि पढ़ते समय एक बार भी ले बाधित नहीं हुआ और भाव तो सीधे मन तक पहुंचे !!

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  4. आज आपके ब्लॉग पर आकर काफी अच्छा लगा अप्पकी रचनाओ को पढ़कर , और एक अच्छे ब्लॉग फॉलो करने का अवसर मिला !

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  5. बहुत ही लाजवाब
    वाह!!!!

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  6. बहुत सुंदर गज़ल । पाँच लिंकों के माध्यम से आपके ब्लॉग तक पहुँचने का सौभाग्य मिला है । आपकी और रचनाएँ अवश्य पढ़ना चाहूँगी । सादर ।

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  7. बस सुना था आपको, आज भाग्यवश आप तक आ पाई ।... बहुत खूबसूरत ग़ज़ल लिखती हैं आप ।‌

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  8. धन्यवाद ध्रुव सिंह जी . आपके ब्लॉग पर मेरी ग़ज़ल सम्बन्धी सूचना देने और लिंक साझा करने के लिए शुक्रिया.
    संजय भास्कर जी एवं सुधा देवरानी जी आपकी पसंद एवं सराहना के लिए आभारी हूँ, स्नेह बनाए रखें.
    विश्व मोहन जी,मीणा शर्मा जी एवं अनीता लागुरी जी मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है . आपकी प्रतिक्रियाओं के लिए धन्यवाद. भविष्य में भी प्रतीक्षा रहेगी..

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