Tuesday, 24 January 2017

भेड़ों की सँभाल

नहीं चाहिए मुझको
चरवाहे का एकान्त
आता ही नहीं मुझको
भेड़ों के संग रहना
झेलना उनको !
नहीं चाहिए भेड़ों की सँभाल का पारिश्रमिक मुझे
नहीं चाहिए उनकी खाल !

और यह भी सच कि
भेड़ें नहीं चुनती हाँके जाना
वे भी जी लेंगी स्वतः
इतनी बड़ी परस्पर पोषक सृष्टि में
नहीं चाहिए उनको
मेरा नियन्त्रण, संरक्षण !

                                        कैलाश नीहारिका

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